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रविवार, 11 अक्टूबर 2020

डायरेक्ट मार्केटिंग कंपनी और कम दामों में बिकते उनके समान का रहस्य

डायरेक्ट मार्केटिंग ने बाजार का एक नया आयाम तो खोला ही जो क्वालिटी या अलग अलग केटेगरी वाले उत्पाद को सीधे ग्राहक तक पहुंचाता नजर आता है। एक तरफ ग्राहक दुकानदार के हाई मार्जिन वाले प्रोडक्ट के कारण परेशान थे, जिसमें दुकानदार को तो कंपनियां हाई मार्जिन देती नजर आती है, मगर ग्राहक को मिलता था एक कम क्वालिटी का सामान जो ग्राहक की अपेक्षा पर कभी खरा नहीं उतरता था। धीरे-धीरे Forever, Amway, ModiCare, Vestige, IMC, RCM जैसे कंपनियों ने बाजार में पैर पसारना शुरू किया, जिन्होंने अलग अलग वित्तीय स्थिति वाले ग्राहक को अपना ग्राहक बनाना चालू किया। धीरे-धीरे स्थिति यहां तक आनी चालू हो गयी, जहां कोरोना में बाजार एक बहुत बड़े घाटे में आ गयी, वहीं ये कंपनियां ग्राहकों तक सीधे पहुंच के कारण फायदे में नजर आने लगी।
इस बीच एक नया ट्रेंड इन कंपनियों से जुड़े लोगों द्वारा नजर आने लगे, जो डायरेक्ट मार्केटिंग के नियमों का साफ उल्लंघन है। अधिक से अधिक फायदे के लिए इनसे जुड़े ऊपरी स्तर के लोग अपनी कमाई बढ़ाने के लिए गलत हथकंडे अपनाने लगे। परिणाम स्वरुप कई प्रोफेशनल जो इसमें कार्य करना भी चाहते थे वो भी पीछे हटने लगते है। कई उच्च स्तर पर कार्यरत्त लोग अपने फायदे के लिए इन कंपनियों के सामान को अति कम दामों पर बाजार में दुकानदारों को बेचना चालू कर दिए। उन्होंने बाजार को कभी न बताया आखिर वो किस कारण से इन सामान को कम दामों पर बाजार में बेच रहे। परिणाम स्वरुप मेहनत तो किसी और का होता लेकिन मजा कोई और लेने चला जाता।
यदि इस कम दाम के जड़ में हम जाए तो पाएंगे कि एक बहुत बड़ा खेल इन कंपनियों के एसोसिएट द्वारा बाजार में चलाया जा रहा। एक तरफ बाजार की बड़ी कंपनियां तो नकली सामान या रेट को लेकर हमेशा जागरूक रहती है जिससे कि बाजार में उनके प्रोडक्ट को लेकर ग्राहक के बीच गलत भावना न फैल पाए, वहीं डायरेक्ट मार्केटिंग की कंपनियां जैसे IMC, Vestige, Amway जैसे कंपनियां अपने एसोसिएट के बारे में किसी प्रकार का वेरिफिकेशन नहीं करती न कोई मार्केट सर्वे करते है कि कोई गलत तरीका बाजार में फायदे कमाने के लिए तो नहीं उठाया जा रहा। कहीं कम दामों में असली के जगह नकली प्रोडक्ट तो नही बेच रहा? आइये जाने इन सब के पीछे की असलियत, आखिर डायरेक्ट मार्केटिंग में समान सिर्फ अपने ID से ही क्यों ले, किसी अन्य जगह या माध्यम से क्यों न ले:
1. जब आप खुद की ID से कोई सामान लेते हो तो नकली समान की गुंजाइश खत्म हो जाती। क्योंकि कंपनी प्रत्येक आउटलेट और डिस्ट्रीब्यूटर पॉइंट के स्टॉक का मेंटेनेंस अपने ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से करती है और उसका बिल आपको दिया जाता है।
2. ऐसे बहुत सारे स्कीम इन कंपनियों द्वारा समय समय से लाया जाता है, जो आपको नहीं दिखाया जाता, ऊपर के एसोसिएट हो सकता है आपसे स्कीम छुपा रहे हो, जैसे Vestige का कंसिस्टेंसी आफर, तो IMC का प्यूरिफायर ऑफर या किसी कंपनी का विदेश प्रवास के आफर।
3. इसके अलावे कंपनी अपने एसोसिएट को अन्य खर्च के लिए अलाउंस, लोन इत्यादि भी बड़े स्तर पर देती है कई बार तो मोटरसाइकिल वगैरह भी दिया जाता है, ऐसे सारे मौके आपके हाथ से इन एसोसिएट के द्वारा आपसे छीना जा रहा।
4. कई बार देश-विदेश भ्रमण का भी मौका इन कंपनियों द्वारा दिया जाता है जिसका न्यूनतम खर्च 20000 प्रति व्यक्ति से चालू होकर लाखों तक में जाता।
5. इसके अलावा कई इंसेंटिव है जो आपके एकाउंट में सीधे तौर पर आपकी कमाई के रूप में आता है।
तो एक बार डायरेक्ट मार्केटिंग के समान को कम दाम में लेने से पहले दस बार सोचे कि आपके पॉकेट को कैसे कुछ एसोसिएट द्वारा चपत लगाई जा रही। मेहनत तो आप करते हो उनके समान को बेचने में लेकिन मलाई वो खा रहे। तो एक बार रेट के चक्कर में न पड़ खुद से इस बिजनस में जुड़े जिससे कोई भी आपको न तो नकली समान दे पाएगा न ही ही आपके हिस्से के स्कीम, भ्रमण, कमाई को छीन पाएगा। तो सीधे तौर पर जुड़े। किसी फर्जी एसोसिएट के चक्कर में न पड़े जो आपको लालच देता हो कि ये समान इतने में दे देगा या उतने में। अपनी मेहनत का फायदा खुद उठाये।

गुरुवार, 9 जुलाई 2020

गिलोय वटी : पतंजलि आयुर्वेद, डाबर, श्री श्री तत्त्व और हिमालया का तुलनात्मक अध्ययन

जब सब जगह कोरोना के कारण गिलोय की मांग बढ़ गयी है, तो यह भी जानना जरूरी है कौन से कंपनी का गिलोय आपके लिए सबसे बेहतर है।
तो पढ़िए एक तुलनात्मक अध्ययन विभिन्न कंपनियों के गिलोय का।

पतंजलि गिलोय घनवटी:

पतंजलि आज के आयुर्वेदिक बाजार में सबसे ज्यादा बिक्री वाले आयुर्वेदिक उत्पाद बनाता है। जिसमें गिलोय घनवटी का अपना ही जगह है। यह घनवटी 40 ग्राम के डब्बे में 80 टेबलेट के साथ अब आ रहा जिसका मूल्य 120 रुपया है। पहले यह घनवटी 40ग्राम के डब्बे में 100 रुपया मूल्य में 60 टेबलेट के साथ आता था।
क्षमता: जब क्षमता की बात करें तो यह 500मिलीग्राम डोज में इसका टेबलेट आता है।
प्रमाणीकरण: fssai को छोड़ दे तो इस गिलोय घनवटी को कोई भी क्वालिटी से जुड़ी संस्था प्रमाणित नहीं करती है। 


डाबर गिलोय घनवटी:
भारत में डाबर आयुर्वेद के क्षेत्र में एक बहुत पुराना नाम है। इसलिए ग्राहकों का विश्वास भी इस पर बहुत ज्यादा है। आइये इसके गिलोय की चर्चा करें।
यह गिलोय 83 रुपये मूल्य पर बाजार में उपलब्ध है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि इसमें सिर्फ 40 टैबलेट ही उपलब्ध है। इस तरह से देखे तो डाबर भी 60 टैबलेट के 125 रुपये के आस-पास मूल्य ले रही है।
क्षमता:
जहां पतंजलि के गिलोय में उसकी क्षमता का आकलन 500मिलीग्राम बताया गया है, वहीं डाबर में क्षमता को लेकर कोई भी बात नहीं बताई गई है। जो दवा बनाने के नियमों की अवहेलना भी है।
प्रमाणीकरण:
जिस तरह पतंजलि को भी fssai छोड़ किसी भी क्वालिटी संस्था से प्रमाणित नहीं है, उसी प्रकार डाबर को भी किसी प्रकार का प्रमाणिकरण उपलब्ध नहीं है।


श्री श्री तत्व
श्री श्री तत्त्व की दवा पहले श्री श्री आयुुुर्वेद के नाम से आती थी। इसमें गिलोय को अमृत कहा गया है, जो गिलोय का संस्कृत नाम है।
इसका गिलोय बाजार में 130 रुपये मूल्य में उपलब्ध है जिसमें कुल 60 टैबलेट है।
क्षमता:
इस का गिलोय 500मिलीग्राम क्षमता का है।
प्रमाणीकरण: 
यह गिलोय fssai के साथ साथ भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा भी प्रमाणित है। इसके अतिरिक्त यह गिलोय GMP, HACCP द्वारा प्रमाणित है जो इसकी गुणवत्ता को सुनिश्चित करता है। अन्य गिलोय के पास इस तरह का कोई प्रमाण क्वालिटी को लेकर नहीं है। इसके साथ यह पैराबेन मुक्त है। जबकि अन्य कंपनी यह घोषणा नहीं करती है। पैराबेन किडनी और पाचन तंत्र संबंधी बीमारियों को जन्म देता है। एक तरह से देखा जाए तो श्री श्री तत्त्व की गुणवत्ता बाजार में गिलोय के मायने में सर्वोत्तम है। 


हिमालया 
 
हिमालया भी आयुर्वेद के क्षेत्र में बहुत जाना-पहचाना नाम है। इस कंपनी का आयुर्वेद के साथ-साथ अंग्रेजी दवा के दुकानों पर भी विशेष पैठ है।
हिमालया में गिलोय गुडूची के नाम से आता है, जो गिलोय का ही दूसरा नाम है। यह 60 टैबलेट के डब्बे में 150 रुपये में उपलब्ध है। एक तरह से देखे तो बाजार में सबसे महंगा गिलोय हिमालया ही देती है। 
क्षमता:
यह गिलोय 250 मिलीग्राम में उपलब्ध है। जो बाजार में उपलब्ध ब्रांड में से डाबर को छोड़ कर इसे सबसे कमजोर क्षमता का बनाता है।
प्रमाणीकरण:
यह गिलोय भी fssai छोड़ किसी भी संस्था द्वारा प्रमाणित नहीं है।